
कटनी
ज्ञापन में कहा गया है कि सिंगरौली जिले के अजंनी गांव सहित कई आदिवासी बहुल इलाकों में लगभग 1400 हेक्टेयर भूमि खदान के लिए अधिग्रहित की जा रही है, जिससे विशेष रूप से विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) समुदायों का विस्थापन और उनके जीवन पर गंभीर संकट उत्पन्न होगा। आदिवासी कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक दबाव में आदिवासी परिवारों को उनकी जमीन से बेदखल किया जा रहा है।
संगठन ने मांग की है कि
(1) अजंनी गांव की भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तत्काल रद्द की जाए।
(2) खनन कार्य से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान और पारंपरिक जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव का ठोस सर्वे कराया जाए।
(3)आदिवासी अधिकारों की सुरक्षा के लिए वन अधिकार कानून का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।
आदिवासी कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
कटनी ब्यूरो चीफ
सुरेन्द्र कुमार शर्मा
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